नक्सलियों का 48 घंटे का बंद, जनजीवन प्रभावित (लीड-1)
बिहार में पुलिस ने बंद को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं। पूर्व मध्य रेलवे ने पलामू एक्सप्रेस सहित छह रेलगाड़ियों को बुधवार तक रद्द कर दिया गया है, जबकि टाटा-जम्मुतवी एक्सप्रेस सहित पांच रेलगाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है। बंद के कारण राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया है, जबकि पटना से लंबी दूरी तक जानें वाली बसों की संख्या भी कम हो गई है। इस वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट कर दिया है। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) पी़ क़े ठाकुर ने बताया कि पूर्व की घटनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
उड़ीसा में भी नक्सलियों के बंद के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। राज्य परिवहन के साथ-साथ निजी कंपनियों ने भी बस सेवा रोक दी है। राज्य के दक्षिणी जिलों गजपति, मलकानगिरी और रायगड़ा में बंद का व्यापक असर देखा गया।
व्यापारिक और शैक्षणिक प्रतिष्ठानों पर बंद का असर नहीं पड़ा है। राज्य में किसी अप्रिय घटना की भी खबर नहीं है। बंद की वजह से पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट कर दिया गया है।
नक्सलियों के बंद की वजह से छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस बीच, सुरक्षा बलों ने बंद के मद्देनजर राज्य में और नक्सली हमलों की आशंका जताई है। राज्य के दंतेवाड़ा जिले में सोमवार को हुए नक्सली हमले में कम से कम 35 लोग मारे गए थे।
बंद से बस्तर क्षेत्र, राजनांदगांव के कुछ हिस्सों में तथा रायपुर व धमतरी के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन बाधित हुआ है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार सड़कों पर यात्री बसें नहीं चल रही हैं। बस्तर के कई क्षेत्रों में जंगल से होकर गुजरने वाली सड़कों पर लकड़ी के लट्ठे रखकर नक्सलियों ने सड़क मार्ग बाधित किया है।
बस्तर क्षेत्र के मुख्यालय जगदलपुर में कार्यरत एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, "बस्तर में पूर्ण आतंक जैसी स्थिति है। नक्सली हमले की आशंका को देखते हुए लोग डरे हुए हैं।"
नक्सलियों ने सोमवार को राजधानी रायपुर से करीब 450 किलोमीटर दूर स्थित दंतेवाड़ा जिले में एक यात्री बस को निशाना बनाते हुए एक शक्तिशाली बारूदी सुरंग विस्फोट किया था, जिसमें कम से कम 35 विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) और नागरिक मारे गए थे। लगभग 40 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले बस्तर क्षेत्र में बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, बस्तर और दंतेवाड़ा जिले शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications