अभी भी रहस्य बना हुआ है आरुषि हत्याकांड
मामले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पास लगता है कि इस दोहरे हत्याकांड के बारे में अभी भी कोई सूराग नहीं है और वह जांच के बारे में जुबान बंद किए हुए है।
सीबीआई के प्रवक्ता हर्ष भाल ने इस हत्याकांड की दूसरी बरसी पर रविवार को आईएएनएस को बताया, "जांच जारी है और मैं इससे अधिक कुछ नहीं कह सकता।"
सीबीआई ने पिछले वर्ष अपने विशेष जांच दल (एसआईटी) का नए सिरे से गठन किया था। सीबीआई ने यह कदम तब उठाया था, जब इस तरह की खबरें आई थीं कि आरुषि के जननांग से लिया गया नमूना किसी दूसरे का था।
उसी दौरान दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक महत्वपूर्ण सबूत के रूप में आरुषि का काले रंग का नोकिया एन72 मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से बरामद किया था।
आरुषि के पिता राजेश तलवार ने उस समय कहा था, "मैं समझता हूं कि इस मामले में मोबाइल फोन एक महत्वपूर्ण सबूत है और यह दोषी को पकड़ने में मददगार साबित होगा।"
ज्ञात हो कि चिकित्सक दंपति, राजेश और नूपुर तलवार की बेटी आरुषि को उसके नोएडा स्थित जलवायु विहार अपार्टमेंट में 16 मई, 2008 को मृत अवस्था में पाया गया था। घरेलू नौकर हेमराज को शुरू में हत्या के लिए जिम्मेदार माना गया था, लेकिन एक दिन बाद घर के टेरेस पर उसे भी मृत में पाया गया था।
इस मामले में राजेश तलवार को गिरफ्तार किया गया था और 50 दिनों तक उन्हें सलाखों के पीछे रखा गया था। लेकिन बाद में सबूतों के अभाव में उन्हें रिहा कर दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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