पोस्को विरोधी प्रदर्शन के दौरान झड़प, 8 घायल (लीड-1)

सरकारी और कंपनी के अधिकारियों को पोस्को के प्रस्तावित परियोजना स्थल पर जाने से रोकने के लिए पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति (पीपीएसएस) के बैनर तले विरोध प्र्दशन करने कर रहे ग्रामीणों ने परियोजना स्थल की ओर जाने वाली सड़क को 26 जनवरी से ही बंद कर रखा है।

पुलिस ने बालतुतहा नामक स्थान पर सड़क पर से जाम हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और रबर की गोलियां चलाईं। पुलिस ने इससे पहले जाम को अवैध घोषित करते हुए पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी थी।

जगतसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक सुरेश सिंह देव दत्ता ने आईएएनएस से कहा, "प्रदर्शनकारियों द्वारा 100 से अधिक कम क्षमता के बम और पत्थर फेंकने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हुए और तीन प्रदर्शनकारियों को हल्की चोटें आईं हैं।"

पीपीएसएस ने हिंसा शुरू करने के पुलिस के दावे का खंडन करते हुए कहा कि कम से कम 15 लोग घायल हुए हैं।

संगठन के प्रवक्ता प्रशांत पैकरे ने आईएएनएस से कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। पुलिस ने रबर की गोलियां चलाईं, इससे कम से 15 लोगों को चोटें आईं। प्रदर्शनकारियों द्वारा बम और पत्थरबाजी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

इससे पहले पुलिस ने स्थानीय सांसद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के बिभू प्रसाद तराई को गिरफ्तार कर लिया।

सांसद परियोजना का विरोध कर रहे ग्रामीणों से मिलने ढिंकिया गांव जा रहे थे। पुलिस अधीक्षक ने कहा, "हमने शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर सांसद को गिरफ्तार किया।"

तराई ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी गैर कानूनी और गैर लोकतांत्रिक है। उन्होंने गिरफ्तारी के बाद संवाददाताओं से कहा, "हम राज्य भर में प्रदर्शन करेंगे।"

जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित कदम उठाए जाने को लेकर शनिवार को परियोजना स्थल को तत्काल खाली करवाने के लिए आदेश जारी किया है। क्षेत्र में लगभग 1,000 सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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