कनाडा में जेब भारी, तो शरीर भी भारी
टोरंटो, 15 मई (आईएएनएस)। पुरुषों की जेब जितनी मोटी होती है वे खुद भी उतने ही मोटे होते जाते हैं मतलब आय बढ़ने का सीधा प्रभाव पुरुषों के मोटापे पर पड़ता है। यद्यपि महिलाओं में ऐसा नहीं है। यह एक नए अध्ययन में सामने आई है।
ऐसा माना गया है कि पुरुषों के पास जितना अधिक पैसा होता है वे बाहरी खान-पान उतना ही ज्यादा पसंद करते हैं और उनमें मोटापा बढ़ने की यही वजह है।
मोंट्रियल विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ता नथाली डूमास का कहना है, "महिलाओं में इस तरह से मोटापा नहीं फैलता है लेकिन उनके संदर्भ में अध्ययन के परिणाम अस्पष्ट हैं।"
उन्होंने कहा, "यद्यपि धनवान परिवारों की महिलाएं औसत या कम आय वाले परिवारों की महिलाओं की अपेक्षा कम मोटी होती हैं।"
इस अध्ययन के लिए डूमास ने कनाडा के सामुदायिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (सीसीएचएस) के आंकड़ों का इस्तेमाल किया था। इन आंकड़ों के जरिए 25 से 65 वर्ष आयु के 7,000 लोगों के विषय में सूचना हासिल की गई थी।
डूमास ने कहा, "कई अध्ययनों से स्पष्ट हुआ है कि परिवार की आय बढ़ने के साथ मोटापे में कमी होती है।" उन्होंने कहा, "लेकिन हम नहीं जानते कि कनाडाई पुरुषों में यह संबंध उल्टा क्यों है। सीसीएचएस के मुताबिक वे जितने धनवान होते हैं उनका मोटापा उतना ही ज्यादा होता है।"
डूमास कहते हैं कि 80 के दशक से धनवान कनाडाई और कोरियाई पुरुषों में मोटापा सबसे ज्यादा बढ़ा है।
डूमास ने कहा है कि मोटापा बढ़ने का एक प्रमुख वजह बाहरी खान-पान है। उन्होंने कहा कि कनाडाई लोग रेस्तरां में खाना-पीना पसंद करते हैं और ऐसे लोग अपने खाने-पीने पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं। ये लोग उच्च कैलोरी युक्त भोजन व एल्कोहल की अधिक मात्रा लेते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 2030 तक दुनिया में 2.3 अरब लोगों का वजन ज्यादा होगा और 70 करोड़ लोग मोटापे के शिकार होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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