कसाब से पहले 308 अपराधियों को मृत्युदण्ड का इंतजार
नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। मुंबई में नवंबर 2008 में हुए आतंकवादी हमले के लिए पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को गुरुवार को फांसी की सजा सुनाई गई। देश भर की विभिन्न जेलों में बंद 308 अपराधी पहले ही मृत्युदंड का इंतजार कर रहे हैं।
मृत्युदण्ड की सजा पाए कैदियों की लंबी सूची को देखते हुए इस बात की संभावना कम ही है कि कसाब को जल्द ही फांसी दी जाएगी।
कसाब को विशेष अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाई गई और उसके पास इस फैसले को विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का विकल्प मौजूद है।
वर्तमान में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालों में कम से कम 256 मामले ऐसे हैं जिनको निचली अदालतों के फैसले के समर्थन का इंतजार है। वहीं दूसरी तरफ कुल 52 लोगों ने राष्ट्रपति के समक्ष मौत की सजा के खिलाफ क्षमा याचना की अपील की है।
कसाब से पहले मोहम्मद अफजल गुरु को फांसी की सजा सुनाई गई थी। अफजल गुरु को वर्ष 2008 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले में मृत्युदण्ड की सजा सुनाई गई थी। मौत की सजा के खिलाफ अफजल गुरु ने राष्ट्रपति के सामने क्षमा याचना की है।
कसाब से पहले अडरवर्ल्ड डॉन टाइगर मेनन के भाई याकूब मेनन को मौत की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2006 में मुंबई की आतंकवाद निरोधी विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को उच्चतम न्यायालय के निर्णय का इंतजार है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने एक सवाल के जवाब में दिसंबर 2009 में लोकसभा में बताया, "31 दिसंबर 2007 तक देश के विभिन्न जेलों में बंद 308 कैदी मौत की सजा का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से 52 लोगों ने राष्ट्रपति के समक्ष मृत्युदण्ड के खिलाफ क्षमा याचना की अपील की है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications