बाघों की गणना के बहिष्कार की धमकी
उड़ीसा अराजपत्रित वन सेवा एसोसिएशन के महासचिव जे.बी.पटनायक ने कहा कि मांगों को पूरा किए जाने पर ही वह बाघों की गणना में शामिल होंगे।
उड़ीसा के टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना का तीनदिवसीय अभियान शनिवार से शुरू किया जाएगा जो 13 मई तक अन्य वन क्षेत्रों में चलेगा।
पटनायक ने कहा कि पुरानी तकनीक के बजाय अब वन क्षेत्रों में समूहों में गश्त करने की हम मांग कर रहे हैं। पुराने नियम के मुताबिक एक या दो वन अधिकारियों को ही किसी विशेष क्षेत्र की गश्ती का जिम्मा सौंपा जाता है।
वन विभाग के कर्मचारियों को भी हथियार मुहैया कराए जाएं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों के समान ही मुआवजा और भत्ते दिए जाएं।
पटनायक ने आईएएनएस को बताया कि हमारी सभी मांगे जायज हैं। हमारे सामने अपने जीवन को बचाने की प्राथमिकता सबसे ऊपर है।
सिमलीपाल टाइगर रिजर्व के निदेशक हरिशंकर उपाध्याय ने कहा कि वन विभाग के कर्मचारियों के शामिल हुए बिना गणना का काम संभव नहीं है।
राज्य के मयूरभंज जिले में स्थित देश के पहले टाइगर रिजर्व सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान में वर्ष 2009 में हुई गणना के मुताबिक कम से कम 60 बाघ थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications