असंसदीय टिप्पणी वाला अध्याय समाप्त हो चुका है : आचार्य
नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता बासुदेव आचार्य के खिलाफ असंसदीय टिप्पणी को लेकर उठा विवाद बुधवार को आचार्य की इस टिप्पणी के साथ थम गया मालूम पड़ता है कि सदन के सदस्यों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने यह अध्याय समाप्त कर दिया है।
आचार्य ने यह भी कहा कि वह लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार के आभारी हैं कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सांसद के आचरण को अस्वीकार्य बताया।
इस मसले पर लोकसभा दो बार स्थगित हुई। दोपहर बाद दो बजे जब सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई तो उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने इस मसले पर चर्चा के लिए विभिन्न दलों के नेताओं को अपनी बात रखने को कहा।
विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गुरुदास दासगुप्ता, बीजू जनता दल के अर्जुन चरण सेठी और बहुजन समाज पार्टी के दारा सिंह चौहान ने आचार्य से अनुरोध किया कि वह इस मामले में मीरा कुमार की व्यवस्था को स्वीकार करते हुए इस मामले को खत्म समझें।
आचार्य ने कहा, "मैं लोकसभाध्यक्ष की इस व्यवस्था का बेहद आभारी हूं कि सदस्य के ऐसे आचरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अन्य सदस्यों की इच्छाओं का सम्मान करते हुए मैं इस अध्याय को समाप्त कर रहा हूं।"
इसके बाद बंदोपाध्याय ने अपनी बात रखने की इजाजत मांगी। उनकी पार्टी के सहयोगी और स्वास्थ्य राज्य मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि बंदोपाध्याय को अपनी बात कहने का हक है क्योंकि उन्होंने दुर्व्यवहार नहीं किया है।
बंदोपाध्याय ने कहा, "मैंने सुबह सदन में कहा था कि अगर मेरी कोई भी टिप्पणी असंसदीय है, तो मैं क्षमा मांगने को तैयार हूं। मैं अध्यक्ष की व्यवस्था का सम्मान करता हूं और उससे सहमत हूं।"
उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि कोई भी इस बात का फायदा उठाने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा, "मैं संसदीय तहजीब जानता हूं और मुझे इसे किसी अन्य पार्टी से सीखने की जरूरत नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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