परमाणु सम्मेलन में ईरान का कड़ा विरोध
अहमदीनेजाद के भाषण की शुरुआत करते ही अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, चेक गणराज्य, आस्ट्रिया, नीदरलैंड और बेल्जियम के राजनयिकों ने बहिर्गमिन किया। अहमदीनेजाद ने अमेरिका और उसके मित्र देशों पर परमाणु मुद्दों पर एकाधिकार बना लेने का आरोप लगाया।
परमाणु संपन्न राष्ट्रों के दोहरे मापदंड
अहमदीनेजाद परमाणु संपन्न देशों पर जमकर बरसे। उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर परमाणु मुद्दों पर एकाधिकार स्थापित करने का आरोप लगाया। अहमदीनेजाद ने आरोप लगाया कि परमाणु संपन्न देश ऐसे देशों को धमकी दे रहे हैं जिनके पास ये हथियार नहीं हैं।
अहमदीनेजाद ने इस सम्मेलन में कहा, "पहले परमाणु हथियार का निर्माण और उसका इस्तेमाल भी अमेरिका की ओर से किया गया।" उन्होंने अमेरिका और उसके मित्र राष्ट्रों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया।
अमेरिका की चिंता बरकरार
व्हाइट हाउस ने कहा कि अहमदीनेजाद दुनिया भर की चिंताओं को दूर करने में असफल रहे हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता रॉबर्ट गिब्स ने कहा कि सम्मेलन में शिरकत करने वाले प्रतिनिधि अहमदीनेजाद से किसी ठोस भरोसे की उम्मीद कर रहे थे लेकिन फिर आभास हो गया कि ईरान अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को लेकर गंभीर नहीं है।
अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और ईरान के राष्ट्रपति ने परमाणु अप्रसार सम्मेलन में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए हैं। हिलेरी क्लिंटन का कहना था कि सम्मेलन में हिस्सा ले रहे देशों में ईरान ही एकमात्र ऐसा देश है जिसने संयुक्त राष्ट्र की शर्तों का उल्लंघन किया है।
इस सम्मेलन में विश्व में परमाणु अप्रसार के ख़तरों और उससे जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इस सम्मेलन में परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करने वाले 189 देश हिस्सा ले रहे हैं, इसमें भारत शामिल नहीं है।
ईरान पर आरोप
ईरान पर आरोप है कि वो परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करने के बावजूद परमाणु हथियारों की ओर बढ़ रहा है। मगर ईरान इस बात से इनकार करता है और उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है।













Click it and Unblock the Notifications