नई प्रौद्योगिकी से बढ़ेगी इंटरनेट की गति
इस प्रौद्योगिकी का निर्माण तेल अवीव विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग स्कूल के कोबी स्चेउर ने किया है और इसका इस्तेमाल पांच या 10 साल में शुरू हो सकता है।
स्चेउर ने नैनो-फोटोनिक्स बाजार के लिए प्लास्टिक आधारित एक नई प्रौद्योगिकी विकसित की है जिससे ऑप्टिकल उपकरणों और अन्य घटकों का निर्माण किया जाता है। इसका प्लास्टिक-आधारित 'फिल्टर' नैनोमीटर (एक मीटर का अरबवां हिस्सा) से बना है।
स्चेउर कहते हैं कि जब फाइबर ऑप्टिक्स केबल स्विच का प्रयोग किया जाता है तो यह हमारे संचार यंत्र को बहुत छोटा और अधिक शक्तिशाली बना देता है।
वह कहते हैं, "अमेरिका में एक बार प्रत्येक घर में फाइबर ऑप्टिक्स केबल की पहुंच हो जाए तो सभी तरह के संचार टेलीफोन, केबल टीवी और इंटरनेट के माध्यम से होने लगेगा।"
स्चेउर कहते हैं, "सूचनाओं की बाधाओं से बचने के लिए जरूरी है कि अलग-अलग सूचनाएं अलग-अलग माध्यमों से आएं। हमारा पॉलीमर यंत्र यह काम कर सकता है।"
अगले दशक तक फाइबर ऑप्टिक्स केबल की पहुंच प्रत्येक घर तक हो जाएगी। जब यह प्रौद्योगिकी लोगों के सामने आएगी तो नई प्लास्टिक आधारित स्विच हमारे संचार के तरीकों में क्रांति ला सकती है।
स्चेउर कहते हैं, "इस समय हम मात्र कुछ सेकेंडों में एक फाइबर ऑप्टिक्स केबल में एक फाइबर के माध्यम से लिखे हुए अक्षरों का संचरण कर सकते हैं।"
वह कहते हैं कि भारी मात्रा में संचार आंकड़ों को संचालित करने के लिए हमें आने वाली सूचनाओं को छांटना होगा। हमारा प्लास्टिक-आधारित स्विच महंगे सेमी-कंडक्टरों की जगह ले लेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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