अंतरिक्ष में भी उपजाई जा सकेगी स्ट्रॉबेरी
अमेरिका के पुरड्यू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञानी और इसी विभाग के प्रोफेसर कैरी माइकल ने स्ट्रॉबेरी की एक नई किस्म का पता लगाने में सफलता हासिल की है। इसे बहुत कम परिश्रम के साथ अंतरिक्ष में भी उपजाया जा सकता है।
कृषि विज्ञानियों ने स्ट्रॉबेरी की इस किस्म को सीस्कैप नाम दिया है। इसमें अंतरिक्ष में उगाया जाने वाला पौधा बनने के सभी गुण हैं।
सीस्कैप किस्म की स्ट्रॉबेरी को धूप की जरूरत नहीं होती। इस कारण इसका विकास धूप के बगैर भी हो सकता है। फल देने के लिए इसे ज्यादा फैलाव की भी जरूरत नहीं होती।
शोध के दौरान पता चला कि सीस्कैप किस्म की स्ट्रॉबेरी उन मानकों पर खरा उतरती है, जो अमेरिकी अंतरिक्ष केंद्र (नासा) ने तय किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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