विदेशी विश्वविद्यालय विधेयक लोकसभा में पेश (लीड-1)
विदेशी शिक्षण संस्थान (प्रवेश एवं संचालन विनियमन) विधेयक 2010 उच्च शिक्षा में योगदान देने के इच्छुक विदेशी (प्रौद्योगिकी शिक्षा और इस तरह के संस्थानों द्वारा डिग्री, डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता प्रदान करने वाले) शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और उनके संचालन के विनियमन को नियंत्रित करेगा।
विधेयक के मकसद और वजहों को स्पष्ट करने के लिए दिए गए एक वक्तव्य में सिब्बल ने कहा, "देश में उच्च शिक्षा के मानकों को बनाए रखने और साथ ही साथ छात्रों और जनता के हितों की रक्षा के लिए सभी विदेशी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और संचालन को विनियमित करने वाला कानून लागू करने की आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा, "देश में अनेक विदेशी शिक्षण संस्थान चल रहे हैं और वे इनमें से कुछ छात्रों को आकर्षित करने के लिए लुभावने तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।" सिब्बल ने कहा कि देश में विदेशी शिक्षण संस्थानों के संचालन के विनियमन के लिए कोई व्यापक और प्रभावी नीति नहीं है।
सिब्बल ने कहा कि नीति या नियामक व्यवस्था के अभाव में विदेशी शिक्षण संस्थानों के संचालन का सार्थक मूल्यांकन करना बहुत मुश्किल है और सार्थक मूल्यांकन के अभाव से व्यवसायीकरण के अलावा कई अनुचित तरीकों के इस्तेमाल की संभावना बढ़ जाती है।
वर्तमान में केवल 'ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन' ही देश में तकनीकी शिक्षा देने वाले विदेशी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के लिए प्रवेश और संचालन के विनियमन को अधिसूचित करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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