26/11 पर फैसला पाकिस्तान के लिए एक संदेश : चिदंबरम (लीड-1)
मुंबई में विशेष न्यायाधीश एम.एल.ताहिलयानी के फैसले के बाद चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, "फैसला अपने आप में पाकिस्तान के लिए संदेश है कि उसे भारत में आतंकवाद का निर्यात नहीं करना चाहिए। यदि उन्होंने ऐसा किया और आतंकवादी पकड़े गए तो हम उनको उदाहरणीय दंड देंगे।"
मंत्री ने कहा कि सरकार मुकदमे के तेज निपटारे से संतुष्ट है, जो 15 अप्रैल 2009 को आरंभ होकर इस वर्ष 31 मार्च को खत्म हो गया।
चिदंबरम ने पाकिस्तानी आतंकवादी के खिलाफ फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि अजमल आमिर कसाब के मुकदमे ने दिखाया कि भारत एक ऐसा देश है जहां कानून का राज है।
उन्होंने कहा, "हम संतुष्ट हैं कि एक वर्ष के भीतर जटिल मुकदमे को निपटाया गया। कसाब के खिलाफ साक्ष्य जुटाने और उसे पेश करने के लिए मैं जांच एजेंसियों और अभियोजन को बधाई देता हूं,जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।"
कसाब को दोषी ठहराने के साथ ही अदालत ने दो अन्य आरोपियों फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद को बरी कर दिया।
चिदंबरम ने कहा कि दो आरोपियों के बरी होने ने दिखा दिया कि भारतीय न्यायिक प्रक्रिया "स्वतंत्र और अखंड" है।
उन्होंने जोर दिया कि यह एक खुला मुकदमा था और कसाब को अपने बचाव का पूरा मौका दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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