दिल्ली यूनिवर्सिटी पर कसता शिकंजा

दिल्ली यूनिवर्सिटी पर कसता शिकंजा

परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय से ये स्पष्टीकरण मांगा है कि कैसे रेडियोधर्मी कचरा स्क्रैप के रुप में बेचा गया. विश्वविद्यलायल को जवाब देने के लिए दो हफ़्ते का समय दिया गया है.

इसक साथ ही एईआरबी ने विश्वविद्यालय से कहा है कि वो फ़िलहाल रेडियोधर्मी प्रयोगों को रोक दे.

इस बीच इस मामले में नया मोड़ तब ले लिया जब दिल्ली विश्वविद्यालय के एक प्रोफ़ेसर ने यह दावा किया कि 20 साल पहले विश्वविद्यालय परिसर में रेडियोधर्मी कचरे को गाड़ा गया था.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों दिल्ली के मायापुरी इलाके़ में कबाड़ से रेडियोधर्मी कोबाल्ट-60 मिला था और इसके कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

पुलिस को बुधवार को बताया कि मायापुरी के व्यापारियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र लेबोरेटरी के उपकरणों की नीलामी के दौरान एक ऐसा उपकरण खरीदा था जिसमें रेडियोधर्मी कोबाल्ट 60 था.

गुरूवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति दीपक पेंटल ने इस घटना पर खेद जताया था और उन्होंने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि विश्वविद्यालय ने रेडियोधर्मी पदार्थ को कचरे के तौर कैसे बेच दिया गया.

उधर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर रमेश चंद्र का बीबीसी से कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में उनके विरोध के बावजूद वर्ष 1986-87 में 20 किलोग्राम से अधिक रेडियोदर्मी कचरे को दफ़न किया गया.

इस विषय पर एईआरबी के एक उच्च अधिकारी का कहना है कि बोर्ड के वैज्ञानिक प्रोफ़ेसेर चंद्र के दावे की जांच करेंगे और उसके बाद ये फ़ैसला किया जाएगा कि क्या विश्वविद्यालय परिसर में भी विकिरण की जांच करने की ज़रूत है.

एईआरबी का कहना है कि रेडियोधर्मी कचरे के डिस्पोज़ल का तरीक़ा यह है कि जिस संस्थाने के पास ये रेडियोधर्मी सामान होता है वो पहले एईआरबी को इसकी जानकारी देता है और फिर एईआरबी के प्रशिक्षित वैज्ञानिकों की मौजूदगी में कचरे का डिस्पोज़ल किया जाता है.

एईआरबी के डॉक्टर ओमपाल सिंह का कहना है, "कचरे बेचने में विश्वविद्यालय ने लापरवाही की है. उन्हें हमें इसकी जानकारी देनी चाहिए थी. रेडियोधर्मी कचरे के डिस्पोज़ल के लिए सख़्त नियम क़ानून हैं."

बुधवार को पुलिस ने बताया था कि विश्वविद्यालय के रसायन विभाग ने छात्रों के शोध के लिए कनाडा से 1970 में गामा इरैडिएटशन मशीन ख़रीदी थी, जो वर्ष 1980 से इस्तेमाल में नहीं थी और उसे फ़रवरी में कचरे की नीलामी में बेचा गया था.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+