जनजातीय छात्रों के कोचिंग संस्थानों पर लगेंगे ताले
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनजातीय छात्रों की मदद के लिए शुरू किए गए कोचिंग संस्थानों में एक भी छात्र का पंजीकरण न होने के बाद राज्य सरकार ने इन्हें बंद कराने का निर्देश दिया है। इन कोचिंग संस्थानों को विशेषतौर पर केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और राज्य लोक सेवा आयोग (एसपीएससी) की परीक्षाओं में जनजातीय छात्रों की मदद के लिए खोला गया था।
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वर्ष 2006 में रायपुर और जगदलपुर में खोले गए इन कोचिंग संस्थानों में अब तक एक भी प्रतिभागी ने पंजीकरण नहीं कराया है इसलिए इन संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया गया है लेकिन सरकार इन संस्थानों पर 35 लाख रुपये खर्च कर चुकी है। राज्य के जनजातीय कल्याण विभाग के उपायुक्त एन.आर.साहू ने कहा, "जनजातीय कल्याण विभाग को राज्य सरकार की तरफ से इन कोचिंग संस्थानों को बंद करने के निर्देश संबंधी एक पत्र मिला है।"
साहू ने बताया कि इस योजना के पीछे मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जनजातीय वर्ग के गरीब छात्रों को सरकारी धन से उचित कोचिंग मुहैया करना था। सरकार तो छात्रों के लिए छात्रावासों का निर्माण भी कर चुकी है।













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