चुनावी बहस में आर्थिक नीतियों पर भिड़े ब्रितानी नेता

ब्रिटेन में आम चुनावों में तीसरी और अंतिम टीवी बहस के दौरान लेबर, कंज़रवेटिव और लिबरल डेमोक्रिटक पार्टियों के नेताओं की आर्थिक नीतियों पर तीखी बहस हुई है. ब्रिटेन में छह मई को आम चुनाव होने हैं.
कंज़रवेटिव पार्टी के नेता डेविड कैमरन ने ज़ोर देकर कहा कि वे कभी भी ब्रिटेन को यूरोपीय संघ की मुद्रा यूरो का भाग नहीं बनने देंगे. उन्होंने अन्य यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं जैसे कि ग्रीस को बचाने के बारे में भी आगाह किया.
उधर लेबर पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा, "इस पद की कई ज़िम्मेदारियाँ हैं और जैसा आप जानते हैं मैं हमेशा सही नहीं होता. लेकिन मैं अर्थव्यवस्था को कैसे चलाना है, ये जानता हूँ - अच्छे समय में भी और बुरे समय में भी."
देश की अर्थव्यवस्था में भारी वित्तीय घाटा आर्थिक नीतियों की पूरी बहस पर छाया रहा.
डेविड कैमरन का कहना था, "यदि आप लेबर पार्टी को वोट देते हैं तो आपने जो अब तक देखा है, वही आपको आगे भी देखने को मिलेगा. लिबरल डेमोक्रिटेक पार्टी को वोट देना अनिश्चितता को वोट देने के बराबर है. केवल कंज़रवेटिक पार्टी की पूर्ण जीत ही पिछली नीतियों से छुटकारा दिला सकती है और हमारे देश को सही दिशा में ले जा सकती है, जिस बदलाव की ज़रूरत है वह सुनिश्चित कर सकती है."
उधर गॉर्डन ब्राउन ने तो यहाँ तक कह दिया, "यदि स्थिति ऐसी ही रहती है तो हो सकता है कि आठ दिनों में डेविड कैमरन, शायद निक क्लेग के समर्थन के साथ सत्ता में हों..."
उनका कहना था, "मैं यह कहना तो नहीं चाहता हूँ लेकन मुझे आपको बताना होगा कि ये इतना महत्वपूर्ण दौर है कि स्थिति को इन दोनों नेताओं की ख़तरनाक नीतियों के हवाले नहीं किया जा सकता. वे सत्ता संभालने के लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि उन्होंने अपनी नीतियों पर गहन विचार नहीं किया है."
दूसरी ओर लिबरल डेमोक्रिटिक पार्टी के नेता निक क्लेग ने आशावादी रुख़ अपनाया और जनता से आग्रह किया कि बिलकुल अलग दल के लिए वोट करने से न घबराएँ.
उनका कहना था, "यह आपका चुनाव है, यह आपका देश है. जब आप अगले सप्ताह वोट डालने जाएँ तो उस भविष्य का चयन करें जो आप असल में चाहते हैं."
दोनों विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन पर बैंकिंग क्षेत्र, ब्रिटेन के निर्माण क्षेत्र, बेरोज़गारी के मुद्दों पर तीखे प्रहार किए.












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