हथियार बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ (लीड-1)
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एक सेवानिवृत्त अधिकारी, एक सिपाही और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया है। राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक बृजलाल ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया, "दंतेवाड़ा की नक्सली घटना के बाद हमें सरकारी गोदामों के हथियार व कारतूस असामाजिक तत्वों को बेचे जाने की खुफिया जानकारी मिली। उसके बाद एसटीएफ की टीमें गठित कर कार्रवाई की गई।"
बृजलाल ने बताया कि रामपुर के सिविल लाइंस इलाके से एसटीएफ ने पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक यशोदा नंदन सिंह और रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में हवलदार विनोद पासवान व हवलदार विनेश सिंह को गुरुवार देर शाम और मुरादाबाद पुलिस अकादमी में तैनात सिपाही नाथीराम सैनी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से ए.के.47, एसएलआर, 9 एमएम, 38 बोर और करीब 5000 से अधिक कारतूस बरामद किए।
इसके अलावा इनके पास से करीब 250 किलोग्राम खोखे और ए.के.47, एसएलआर, 9 एमएम, और इन्सास रायफल की कुल 16 मैगजीन के साथ दो लाख रुपये नकद जब्त किए गए। बृजलाल ने कहा, "यशोदानंदन सिंह इस गिरोह का सरगना है। बाकी तीनों सरकारी गोदाम और सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर से हथियार व कारतूस चुराकर उसे बेचते थे।"
अधिकारी ने आशंका जताई कि यह गिरोह हथियारों को अपराधियों को बेचने के अलावा आतंकवादियों और नक्सलियों को भी बेचता था।
बृजलाल ने कहा कि गिरफ्तार लोगों ने कबूला है कि 30वीं वाहिनी सशस्त्र बल(पीएसी) गोंडा, 36 वाहिनी पीएसी वाराणसी, इलाहाबाद, चंदौली, बस्ती, मिर्जापुर, सोनभद्र, झांसी, कानपुर और पुलिस अकादमी मुरादाबाद से जुड़े पुलिसकर्मी इनका सहयोग करते थे। उन्होंने कहा कि राज्य के बस्ती, कानपुर सहित कई अन्य जिलों में एसटीएफ द्वारा छापेमारी जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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