भाजपा ने समर्थन वापसी का फैसला टाला (लीड-1)
भाजपा नेता निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यहां राज्यपाल एम.ओ.एच. फारूख से मिलने नहीं पहुंचे। इससे पहले पार्टी ने कटौती प्रस्ताव पर केंद्र सरकार का समर्थन करने वाले सोरेन की सरकार से अलग होने का फैसला किया था। उल्लेखनीय है कि विपक्ष द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव पर हुए मतदान में सोरेन ने कांग्रेस की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के समर्थन में मत डाला था।
भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष रघुबर दास ने बताया, "हम राज्यपाल से नहीं मिल सके क्योंकि इस सरकार में बतौर मंत्री शामिल भाजपा के बैजनाथ राम दिल्ली में हैं। उनके रांची लौटने के बाद हम राज्यपाल से मिलने का समय मांगेंगे।"
दास ने कहा कि उनकी पार्टी समर्थन वापसी के फैसले पर कायम है लेकिन भाजपा के सूत्रों का कहना है कि सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन के प्रस्ताव के बाद भाजपा ने समर्थन वापसी का फैसला टाल दिया है। कहा गया है कि हेमंत ने इस बारे में एक पत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेजा है।
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत ने बुधवार को भाजपा से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि राज्य में भाजपा सरकार का गठन कर सकती है। इस बारे में दास ने कहा कि फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना है।
दास ने कहा, "हमें झामुमो की ओर से औपचारिक तौर पर इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। झामुमो के ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर कोई फैसला भाजपा संसदीय बोर्ड को करना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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