आईपीएल व फोन टैपिंग पर सदन में चर्चा होगी : प्रणब (लीड-1)
मुखर्जी ने कहा कि सरकार वित्त विधेयक 2010-11 के पारित हो जाने के बाद इन मुद्दों पर सदन में चर्चा करेगी। वित्त विधेयक बुधवार को सदन में पेश किया गया और उसके बाद उस पर चर्चा शुरू हो गई।
मुखर्जी ने कहा, "इन सभी मुद्दों पर हम विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के साथ चर्चा करेंगे। या तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह या मैं खुद सदन में मौजूद रहूंगा। लेकिन यह सब वित्त विधेयक के पारित होने के बाद ही संभव हो पाएगा।"
मुखर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया, जब विपक्षी, आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सांसद अपराह्न् दो बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के साथ ही लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास जमा हो गए और स्पेक्ट्रम घोटाले में कथित भूमिका के लिए संचार मंत्री ए.राजा से इस्तीफे की मांग करने लगे।
मुखर्जी ने कहा, "मैं सदन से भाग नहीं रहा हूं। यह सत्र सात मई तक चलेगा। काफी समय है अभी।"
उप सभापति करिया मुंडा ने एआईएडीएमके के सांसदों को शांत कर वापस भेजा और उसके बाद उन्होंने विपक्षी नेताओं को बोलने की अनुमति दी।
नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार सदन में उठाए गए मुद्दों पर सदन के प्रति जवाबदेह है। स्वराज ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस जवाब का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने आईपीएल पर एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की विपक्ष की मांग पर मीडिया के जरिए बयान दिया था।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा था कि फोन टैपिंग और आईपीएल विवाद जेपीसी के उपयुक्त नहीं हैं।
स्वराज ने कहा, "प्रधानमंत्री की पहली प्राथमिकता सदन को संतुष्ट करने को लेकर है। आप जो भी कहें, सदन में कहें।"
इस पर प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार विपक्ष की मांगों पर विचार करेगी। इस पर स्वराज ने सरकार की नेकनीयती पर सवाल किया। स्वराज ने पूछा, "आपकी सोच क्या है? आपका जवाब क्या है?"
जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने कहा, "आईपीएल, फोन टैपिंग और स्पैक्ट्रम स्कैंडल आपस में जुड़े हुए हैं। हम इस संदर्भ में सरकार से कुछ उम्मीद करते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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