कश्मीर सरकार और कर्मचारियों के बीच वार्ता गुरुवार को
इस बात का निर्णय मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को देर शाम आयोजित कैबिनेट की उपसमिति की एक बैठक में लिया गया।
सरकारी कर्मचारियों के साथ बातचीत का निर्णय तब लिया गया है, जब उन्होंने फिर से हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। इसके पहले ये कर्मचारी तीन अप्रैल से 14 अप्रैल तक हड़ताल पर थे। कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को भी चुनौती देने की धमकी दी है, जिसमें उनकी हड़ताल को 13 अप्रैल को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था।
कर्मचारी जनवरी 2006 से जुलाई 2009 तक अपने बकाया वेतन के भुगतान की मांग कर रहे हैं। यह धनराशि कुल 4,200 करोड़ रुपये बैठती है। राज्य कर्मचारी, केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर मकान किराया भत्ते की तथा सेवानिवृत्ति की उम्र 58 साल से बढ़ाकर 60 साल करने की भी मांग कर रहे हैं।
कैबिनेट की उपसमिति ने इन सभी मुद्दों से निपटने के उपायों और संसाधनों पर चर्चा की है। समिति के एक सदस्य ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस से कहा, "हम कर्मचारियों से किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हमें ऐसा करने के लिए समय और संसाधनों की जरूरत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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