आयातित कचरे से निपटने में अक्षम हैं बंदरगाह : रमेश

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय बंदरगाहों में ऐसे खतरनाक कचरे से निपटने की क्षमता है? इस पर रमेश ने कहा, "पूरी ईमानदारी से कहूं तो इसका जवाब है नहीं..।"

उन्होंने कहा, "मुझे आशा है कि वित्त मंत्री के सहयोग से हम बंदरगाहों की प्रक्रियाओं को सख्त करने में सक्षम हो जाएंगे जिससे ऐसे खतरनाक कचरे के आयात पर अधिक नियंत्रण लग सकेगा।"

रमेश ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा को एक पत्र लिखा था। इस पत्र के माध्यम से यह सुनिश्चित करना था कि यदि खतरनाक कचरे का आयात ओपेन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) के तहत होता हो तो हमें मुफ्त आयात की अनुमति नहीं देनी चाहिए और इनका आयात केवल 'खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2008' के तहत होना चाहिए।

कुछ सदस्यों ने रमेश पर आरोप लगाया कि इन नियमों को ठीक ढंग से लागू नहीं किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि भारतीय बंदरगाहों पर कचरे से लदे जहाजों के आने की सूचनाओं पर मंत्रालय ने कठोर कदम उठाए हैं।

रमेश ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि खतरनाक कचरे से आयात पर कठोर नियम लागू किए जाने की जरूरत है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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