प्रधानमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस (लीड-1)
भाजपा के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार ने कहा, "विपक्ष जेपीसी की मांग करता रहा है। संसदीय परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री को सदन में बयान देना चाहिए था लेकिन उन्होंने सदन से बाहर बयान दिया। यह हमारे विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है।"
कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार के उल्लंघन के मामले में जो नोटिस दिया गया है उस पर उनके अलावा लोकसभा में पार्टी के उप नेता गोपीनाथ मुंडे और पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने हस्ताक्षर किए हैं।
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री पर सदन की अवमानना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह समाचार पत्र में यह देखकर चौंक गईं कि प्रधानमंत्री ने भाजपा की मांग खारिज कर दी है।
सदन में महंगाई को लेकर हो रहे हंगामे के बीच सुषमा ने कहा, "यह कोई सामान्य बात नहीं है। यह पूरे सदन का अपमान है।"
उल्लेखनीय है कि सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह से इतर प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से कहा था कि आईपीएल और फोन टैपिंग जैसे मामलों पर जेपीसी का गठन उचित नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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