'विमान के मार्ग परिवर्तन में पूर्णा की कोई भूमिका नहीं' (लीड-1)
एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव ने कहा, "यह पूरी तरह वाणिज्यिक फैसला था। चार्टर्ड विमानों से विमानन कंपनी को अच्छी कमाई होती है। हम उड़ानों को अपनी जरूरतों के हिसाब से बदलते रहते हैं। आईपीएल शुरुआत से ही हमारी सेवाएं ले रहा है। हमने सारे नियमों और शर्तो के तहत की उस विमान का मार्ग परिवर्तित किया था। इसमें उड्डयन मंत्री की बेटी का कोई हाथ नहीं है।"
जाधव ने कहा कि दिल्ली-कोटंबटूर उड़ान को चार्टर्ड बनाने का अनुरोध चेन्नई सुपर किंग्स टीम के मालिकों द्वारा किया गया था। बकौल जाधव, "पूर्णा पटेल विमान के चार्टर्ड परिचालन में किसी प्रकार से भी शामिल नहीं रही हैं। उन्होंने तो उस उड़ान में सवारी भी नहीं की थी।"
प्रबंध निदेशक का यह बयान मीडिया में प्रकाशित उस रिपोर्ट के जवाब में आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि आईपीएल के लिए काम करने वाली पटेल की बेटी ने एयर इंडिया उड़ान-आईसी 7603 को 20 अप्रैल को 12 घंटे तक अपनी मर्जी के अनुसार चलाया क्योंकि वह आईपीएल के कुछ खिलाड़ियों के साथ उसमें सवार होना चाहती थीं।
पूर्णा और खिलाड़ियों को उस उड़ान से चण्डीगढ़ से चेन्नई जाना था और यही कारण है कि अपने हितों के लिए उन्होंने इस विमान का रास्ता बदलने का फैसला किया था। एयर इंडिया का कहना है कि नियमित सेवा मार्ग में परिवर्तन की जानकारी पहले ही यात्रियों को दे दी गई थी।
दूसरी ओर, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) का कहना है कि किसी उड़ान को चार्टर्ड का दर्जा तभी दिया जा सकता है जब उसका उपयोग नियमित उड़ान के लिए न किया जा रहा हो। डीजीसीए के एक अधिकारी ने कहा, "नियमित यात्री विमान को चार्टर्ड के रूप में उपयोग में लाते हुए उसके मार्ग में परिवर्तन करने की इजाजत नहीं होती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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