भगवान ऋषभदेव की अष्टापद यात्रा से चारधाम की हलचल शुरू
देहरादून से गुरुवार को शुरू हुई इस यात्रा में जैन मुनि प्रज्ञा सागर महाराज और सुल्लक पूज्य सागर महाराज चार दर्जन अन्य पदयात्रियों के साथ रवाना हुए। इस मौके पर शहर से रवानगी से पूर्व कलश सिर पर रखकर महिलाओं ने इस यात्रा की अगुवाई की। 108 कलशों की यह यात्रा शहर की सीमा तक ही इस पदयात्रा के साथ रही।
यह यात्रा आज देहरादून से ऋषिकेष पहुंचेगी। जहां से यह पदयात्रा अगले पड़ावों में श्रीनगर, चमोली, हेलंग व हनुमान चट्टी होते हुए 15 मई तक बद्रीनाथ पहुंच जाएगी। 19 मई को भगवान बद्रीनाथ के कपाट खुलने पर यह यात्रा वहां पूजा समारोह में भागीदारी करेगा।
इस यात्रा में एक अखण्ड ज्योति चल रही है जिसकी अगुवाई एक ध्वज लेकर पदयात्री कर रहे हैं। इस पदयात्रा के साथ ही चारधाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव बद्रीनाथ के लिए यात्रा हेतु सक्रियता शुरू हो गई है। पुरुषोत्तम मास के कारण इस बार भगवान बद्रीनाथ के कपाट देर से खुल रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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