फोंसेका ने अपनी हिरासत को गैरकानूनी बताया (लीड-1)
सरकार का तख्ता पलटने के आरोप में इस समय सैन्य हिरासत में कोर्ट मार्शल का सामना कर रहे फोंसेका ने संसद के उद्घाटन सत्र में कहा कि गैरकानूनी हिरासत से उनकी रिहाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
मार्क्सवादी समर्थित डेमोकेट्रिक नेशनल एलायंस के टिकट पर निर्वाचित फोंसेका ने कहा, "संसद को लोकतंत्र की सुरक्षा, मानव अधिकारों का संरक्षण और आवाजाही की स्वतंत्रता को भी सुनिश्चित करना चाहिए।"
नौसेना मुख्यालय में हिरासत में रखे गए फोंसेका ने वापस भेजे जाने से पहले कहा, "मैं अन्याय का शिकार हुआ हूं।"
राष्ट्रपति पद के चुनाव में महिंदा राजपक्षे से हारने के दो सप्ताह के भीतर फोंसेका को आठ फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया।
इससे पहले राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बड़े भाई चमल राजपक्षे को गुरुवार को सर्वसम्मति से संसद का अध्यक्ष चुना गया। चमल राजपक्षे (67 वर्ष) इससे पहले बंदरगाह एवं विमानन मंत्री भी रह चुके हैं।
चुनाव में सत्ताधारी युनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम एलायंस (यूपीएफए) की शानदार जीत हुई है।
राष्ट्रपति राजपक्षे के छोटे भाई बसिल, उनके पुत्र नमल और चचेरी बहन निरुपमा राजपक्षे भी यूपीएफए के जीतने वाले 144 सदस्यों में शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि श्रीलंका में आठ अप्रैल को चुनाव हुआ था लेकिन दो जिलों में पुनर्मतदान के बाद बुधवार को चुनाव का अंतिम परिणाम घोषित किया गया था।
वर्ष 1977 के बाद यूपीएफए गठबंधन ने सबसे बड़े अंतर से चुनाव जीता है। राजपक्षे के नेतृत्व वाली यूपीएफए को इस चुनाव में 60 फीसदी वोट मिले जबकि मुख्य विपक्षी यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) को केवल 29.3 फीसदी वोट ही मिले हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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