लोकसभा में अलागिरी की अनुपस्थिति पर गतिरोध
प्रश्नकाल के दौरान सांसद के. नारायाणभाई के लिखित सवाल का जवाब देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने अलागिरी की जगह जैसे ही उनके कनिष्ठ मंत्री श्रीकांत जेना का नाम पुकारा वैसे ही विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने आपत्ति जताते हुए कहा, "सम्माननीय मंत्री जी गायब हो गए हैं।"
अलागिरी की अनुपस्थिति का वामपंथी दलों और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) सहित अन्य दलों के सदस्यों ने भी विरोध किया। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सदस्यों ने इसका प्रतिकार किया।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अलागिरी विदेश दौरे पर हैं और नियमों के मुताबिक राज्यमंत्री को सवालों का जवाब देने का अधिकार है।
सुषमा स्वराज ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा है, ऐसे में मंत्री का पहला कर्तव्य सदन में उपस्थित रहना है। "सरकार को एक साल हो गए लेकिन अलागिरी को कभी भी सदन में नहीं देखा गया।"
उन्होंने यह सवाल भी पूछा कि विदेश जाने से पहले अलागिरी ने लोकसभा अध्यक्ष से इसकी अनुमति ली थी या नहीं।
अलागिरी का बचाव करते हुए मुखर्जी ने फिर कहा, "अलागिरी नित्य सदन में आते हैं। इसलिए यह आरोप लगाना गलत है कि वह कभी सदन में नहीं आते।"
सदस्यों के हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, "मैंने जवाब देने के लिए जेना को अधिकृत किया है।"
ज्ञात हो कि अलागिरी संसद के गत शीतकालीन सत्र और बजट सत्र के पहले चरण में भी सदन से नदारद थे। अलागिरी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि के पुत्र हैं। वह धाराप्रवाह न तो अंग्रेजी बोल पाते हैं और न ही हिन्दी। इसके मद्देनजर उन्होंने पिछले दिनों लोकसभा अध्यक्ष से तमिल में जवाब देने की अनुमति मांगी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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