कारगिल में शीघ्र ही देश की सर्वाधिक ऊंची सुरंग
जम्मू, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कारगिल और लेह के निवासियों की वर्ष भर खुले रहने वाले सड़क संपर्क की इच्छा अब पूरी होने वाली है। प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत रूचि लेने के कारण इन क्षेत्रों के देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली 12 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण शीघ्र शुरू होने ही संभावना है।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश के पूर्वोत्तर और पश्चिमोत्तर सीमा क्षेत्र में आदमियों और साजो सामान की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) जोजिला दर्रे पर सुरंग के निर्माण की व्यवहार्यता पर एक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। यह सुरंग भारत की सबसे ऊंची सुरंग होगी।
राज्य के उपभोक्ता मामलों और सार्वजनिक वितरण मंत्री कमर अली अखून ने आईएएनएस से कहा, "हमें प्रधानमंत्री से एक पत्र मिला है जिसमें कहा गया है कि व्यवहार्यता रिपोर्ट इस वर्ष अक्टूबर तक तैयार होगी।"
कश्मीर विधानसभा में कारगिल निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अखून ने कहा कि इसके बाद इंजीनियर अपना कौशल और प्रौद्योगिकी दिखाएंगे।
परियोजना पर करीब 1,300 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है। अखून ने कहा कि केंद्र ने आश्वासन दिया है कि परियोजना के शुरू होने पर धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
यह सुरंग 11,000 फीट की ऊंचाई पर होगी और इससे श्रीनगर और कारगिल के बीच यात्रा का समय में कम से कम तीन घंटे कम होगा।
सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण जोजिला मार्ग वर्ष में करीब छह महीने बंद रहता है। यहां सर्दियों में करीब 20 फीट तक बर्फ पड़ती है बर्फीले तूफान आते हैं। इससे यहां के लोग शेष दुनिया से पूरी तरह कट जाते हैं।
बीआरओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कार्य प्रगति पर है। मिट्टी की जांच हो चुकी है और सुरंग की रूपरेखा भी तैयार की जा चुकी है। इस मामले में विदेशी विशेषज्ञों की भी मदद मांगी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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