ज्वालामुखी राख से यूरोपीय हवाई यातायात लगातार बाधित (लीड-1)
यूरोपीय हवाई यातायात पर चार दिनों से जारी यह अभूतपूर्व बंदी लगता है कि सोमवार को भी जारी रहेगी, क्योंकि दक्षिणी आईसलैंड में स्थित आईजाफजालाजोएकुल ग्लेशियर के पास स्थित ज्वालामुखी लगातार राख उगल रही है और इस तरह से कई सारे देशों ने एक बार फिर अपनी उड़ानों पर प्रतिबंध को आगे तक बढ़ा दिया है।
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के आंकड़े के अनुसार व्यापक हवाई प्रतिबंध के कारण प्रति दिन विमानन क्षेत्र को 15 करोड़ यूरो का नुकसान हो रहा है।
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के अनुसार यूरोपीय हवाई यातायात सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली संस्था यूरोकंट्रोल ने कहा कि ब्रिटेन, मध्य एवं उत्तरी यूरोप के बाद अब रोमानिया, बुल्गारिया, यूक्रेन, उत्तरी इटली और उत्तरी सर्बिया में भी उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
क्राकोव सहित पोलैंड के हवाई अड्डों पर उड़ानों की आवाजाही बंद है। क्राकोव में ही रविवार को पोलैंड के राष्ट्रपति लेक काजिंस्की और उनकी पत्नी के अंतिम संस्कार में विश्व के कई नेताओं को शरीक होना था। काजिंस्की गत 10 अप्रैल को एक विमान हादसे में मारे गए थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, जर्मनी की चांसलर एंजिला मार्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और ऑस्ट्रिया के राष्ट्रपति हींज फिशर ने शनिवार को घोषणा की कि वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगे।
इस आपदा हालांकि सबसे ज्यादा उड़ानें यूरोप में रद्द हुई हैं लेकिन इसका असर पूरी दुनिया के उड्डयन उद्योग पर देखा जा सकता है। यूरोप जाने के लिए तैयार सैकड़ों यात्री भारत में फंसे हैं। इसके अलावा उड़ानें रद्द होने की वजह से मैक्सिको में करीब 600 जर्मन पर्यटक फंसे पड़े हैं।
यूरोकंट्रोल की तरफ से शनिवार रात में कहा गया कि 22,000 उड़ानों में केवल 5,000 उड़ानें ही संचालित हो पाएंगी।
यूरोकंट्रोल के अनुसार इस राख की वजह से कम से कम 24 घंटे तक स्थिति सामान्य होने के आसार नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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