उड़ीसा में स्वास्थ्य सेवाएं आशिंक रूप से प्रभावित (लीड-1)
राज्य के स्वास्थ्य सचिव सुरेश माहापात्रा ने संवाददाताओं को बताया, "हड़ताल की वजह से विभिन्न जिलों में चिकित्सा सुविधाएं बड़े पैमाने पर प्रभावित नही हुईं। आठ से 10 जिलों में चिकित्सकों की उपस्थिति 100 फीसदी रही। कुछ जिलों में चिकित्सकों की मौजूदगी 60 फीसदी तक थी। लेकिन बालासोर, रायगड़ा में चिकित्सकों की कमी की वजह से सेवाएं प्रभावित हुई।"
चिकित्सक समयबद्ध पदोन्नति प्रणाली डॉयनामिक एश्योरड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) को लागू करने की मांग कर रहे हैं।
उड़ीसा मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (ओएमएसए) के बैनर तले हड़ताल कर रहे चिकित्सकों को राज्य सरकार ने रविवार को हड़ताल न करने की चेतावनी दी थी। सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाने और उनका पंजीकरण रद्द करने की धमकी दी थी। चिकित्सकों को शनिवार शाम बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन एसोसिएशन के प्रतिनिधि बातचीत के लिए नहीं आए।
माहापात्रा ने बताया कि उन चिकित्सकों के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है जिन्होंने अपनी ड्यूटी शुरू नहीं की है। जिन अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी हुई वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों को भेजा गया। जिले के अधिकारियों से लगातार संपर्क रखा जा रहा है और यदि जरुरत पड़ी तो पड़ोसी राज्यों से मदद ली जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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