बिना चश्मे के देखी जाएंगी थ्री-डी फिल्में
टोक्यो, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। 'अवतार', 'क्लैश ऑफ टाइटंस' और 'एलिस इन वंडरलैंड' की भारी सफलता के बाद जरूरत महसूस हुई कि ऐसी थ्री-डी तकनीक विकसित की जाए जिसे बिना चश्मे के देखा जा सके।
समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' के अनुसार, एक जापानी कंपनी ने एक ऐसी थ्री-डी तकनीक विकसित की है जिसे बिना चश्मे के देखा जा सकेगा।
यह नई तकनीक प्रत्येक आंख को अलग-अलग संकेत भेजती है जिससे लोगों को थ्री-डी चित्र दिखने का अहसास होता है। कंपनी के एक प्रतिनिधि काजुओ कानेयामा का कहना है कि भविष्य में इस तकनीक में और विकास किया जाएगा जिससे तस्वीरें बहुत तेज गति से दिखाई देंगी और आंखें भी कम थकेंगी।
कानेयामा ने कहा कि अगले पांच वर्षो के भीतर यह तकनीक और ज्यादा उन्नत हो जाएगी। साथ ही इसके सॉफ्टवेयर की कीमतें भी कम हो जाएंगी। इसके बाद संभव है घरों में थ्री-डी सेट लगाकर फिल्में देखी जाने लगें।
मौजूदा समय में 65 इंच के एक थ्री-डी सेट की कीमत करीब 30 लाख येन (32,000 डॉलर) है। यह राशि इसी आकार की टू-डी टेलीविजन सेट की कीमत से करीब तीन गुना ज्यादा है।
थ्री-डी के साथ एक दिक्कत यह भी है कि यदि किसी व्यक्ति की एक आंख दूसरे के तुलना में कमजोर हो तो उसे तस्वीरों को देखने में दिक्कत आती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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