'परमाणु आतंकवाद बड़ी चिंता'

अंतरराष्ट्रीय परमाणु सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अमरीका रवाना हो गए हैं. सम्मेलन 12 और 13 अप्रैल को होगा जिसमें 40 देशों से ज़्यादा के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं.
आठ दिन की अपनी यात्रा के दौरान मनमोहन सिंह ब्रिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राज़ील भी जाएँगे जहाँ वे चीनी राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.
दौरे के पहले चरण में मनमोहन सिंह चार दिने के लिए वाशिंगटन में रहेंगे जहाँ उनकी मुलाक़ात अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, फ़्रांसीसी राष्ट्रपति सारकोज़ी, कनाडा के प्रधानमंत्री हार्पर और कई अन्य नेताओं से होगी.
खतरा
रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि वाशिंगटन में होने वाले सम्मेलन में परमाणु आतंकवाद और परमाणु तकनीक के प्रसार को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
उन्होंने कहा, "संवेदनशील परमाणु सामग्री को ख़तरनाक हाथों में जाने से रोकना, परमाणु आतंकवाद ...इन मसलों पर पुख़्ता कदम उठाने की ज़रूरत है."
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास की चुनौतियों का सामना करने में परमाणु ऊर्जा का अहम रोल होगा ये तभी संभव है जब सारे देश परमाणु मामलों में सुरक्षा का ध्यान रखें.
वैसे इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में भाग नहीं लेने की बात कह चुके हैं.
वाशिंगटन से मनमोहन सिंह ब्रासीलिया जाएँगे जहाँ वे ब्राज़ील-रूस-भारत-चीन के ब्रिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. साथ ही वे भारत-ब्राज़ील-दक्षिण अफ़्रीका(इबसा) सम्मेलन में भी भाग लेंगे.
मनमोहन सिंह ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा के साथ द्विपक्षीय वार्त में करेंगे.












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