पोलैंड के राष्ट्रपति की विमान दुर्घटना में मौत, शोक की लहर (राउंडअप)
हादसे की खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। पोलैंड में सात दिनों के शोक की घोषणा की गई है। इस बीच पोलैंड की संसद के अध्यक्ष ब्रोनिस्लॉव कोमोरोस्की नया चुनाव होने तक राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभाल लिया।
मृतकों की संख्या के बारे में विरोधाभासी खबरें आ रही हैं। कुछ अधिकारियों ने विमान में 132 यात्रियों के सवार होने की पुष्टि की है तो कुछ खबरों में कहा गया है कि विमान में 90 से अधिक यात्री सवार थे।
बताया जाता है कि पायलट को बताया गया था कि घने कुहरे के कारण स्मोलेंस्क का सेवर्नी हवाई अड्डा बंद कर दिया गया है। एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों ने पायलट से कहा था कि वह किसी दूसरे लैंडिंग स्थल की ओर विमान को मोड़ दें। उसे इसके लिए मास्को या बेलारूस की राजधानी मिंस्क में विमान को उतारने का विकल्प चुनने के लिए कहा गया था। लेकिन उसने मूल उड़ान योजना के अनुसार काम करने का निर्णय लिया और स्मोलेंस्क में ही विमान को उतारने की कोशिश की।
स्मोलेंस्क के आंतरिक मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के पूर्व पायलट ने विमान को उतारने की तीन असफल कोशिशें कीं। चौथी कोशिश के दौरान विमान पेड़ पर गिर पड़ा।
हादसे के तत्काल बाद पोलैंड की सरकार ने घोषणा की कि देश में समय पूर्व जल्द ही राष्ट्रपति चुनाव कराया जाएगा।
यह हादसा रूस के पश्चिमी हिस्से में स्मोलेंस्क हवाई अड्डे के निकट हुआ। काजिंस्की अपनी पत्नी मारिया के साथ विमान में सवार थे।
हादसे की खबर के बाद पूरे पोलैंड में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क कैबिनेट की आपात बैठक में हिस्सा लेने के लिए वारसा लौट आए।
बताते हैं कि रूस निर्मित तुपोलेव 154-एम विमान के पेड़ पर गिरने के बाद उसमें आग लग गई। विमान में काजिंस्की और उनकी पत्नी के अलावा पूर्व रक्षा मंत्री जेर्जी सज्माजदिंस्की और पोलैंड नेशनल बैंक के अध्यक्ष स्लॉमीर स्क्रेजपेक भी सवार थे।
पोलिश प्रेस एजेंसी के मुताबिक विमान में पोलैंड के अंतिम निर्वासित राष्ट्रपति रियाजार्ड केजोरवोस्की और संसद के उप मार्शल जेर्जी सेजमाजडिजिंस्की भी सवार थे।
पोलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रेस सचिव पीटर पासज्कोवस्की ने विमान में काजिंस्की के सवार होने की पुष्टि की है।
काजिंस्की, कातेन में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेने जा रहे थे। यह समारोह उन 20,000 पोलैंडवासियों की याद में मनाया जाना था जो द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत सेना द्वारा मौत के घाट उतार दिए गए थे।
'रशिया 24' टेलीविजन नेटवर्क ने स्मोलेंस्क के गवर्नर के हवाले से कहा कि विमान पेड़ से टकराने के बाद टुकड़े-टुकड़े हो गया। चैनल ने घटनास्थल के फुटेज दिखाए, जिनमें आग की लपटें देखी गईं।
रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने पोलैंड के कार्यवाहक राष्ट्रपति ब्रोनिस्लाव कोमोरोस्की को अपना शोक संदेश भेजा है।
रूसी प्रधानमंत्री व्लादमीर पुतिन ने पोलिस प्रधानमंत्री से फोन पर बात की और उनके प्रति और पूरी पोलिस जनता के प्रति अपनी शोकसंवेदना प्रकट की।
पुतिन ने कहा, "मैं समझता हूं कि रूस के सभी नागरिकों ने पोलैंड के राष्ट्रपति लेख काजिंस्की, उनकी पत्नी और विमान में सवार अन्य यात्रियों के निधन की खबर को गहरे दुख और अचंभे के साथ लिया है।"
जांचकर्ता हादसे की वजह का पता लगा रहे हैं। हादसे की खबर के तुरंत बाद कातेन में आयोजित होने वाले समारोह को रद्द कर दिया गया।
व्लादमीर पुतिन काजिंस्की की मौत और विमान दुर्घटना के पीछे की स्थितियों की जांच करने वाले विशेष आयोग की अगुवाई स्वयं करेंगे।
काजिंस्की अक्टूबर 2005 में राष्ट्रपति चुने गए थे। उन्होंने हाल ही में भारत दौरे पर जाने की इच्छा जाहिर की थी। राष्ट्रपति चुने जाने से पहले वह वारसा के मेयर थे।
उस समय आईएएनएस के साथ बातचीत में काजिंस्की ने कहा था कि वह भारत यात्रा पर जाना चाहते हैं। अप्रैल 2009 में जब भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील पोलैंड आईं थी तो उन्होंने उनका भव्य स्वागत किया था।
काजिंस्की भारतीय लोकतंत्र के हिमायती थे और चीन के बड़े आलोचक थे। उनके दिल में तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा के प्रति खास सम्मान था। जब भी दलाई लामा पोलैंड आए, उन्होंने उनसे मुलाकात की। पोलैंड की राजनीति में काजिंस्की और उनके जुड़वां भाई जारोसॉल्व गत 10 वर्षो से बेहद सक्रिय थे।
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह एक चार्टर्ड विमान था। इस बीच बचाव कर्मियों को विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है। स्मोलेंस्क सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि संभवत: पायलट की गलती के कारण यह दुर्घटना घटी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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