कुदनकुलम परमाणु रिएक्टर में जल्द भरा जाएगा नकली ईंधन
चेन्नई, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। कुदनकुलम परमाणु विद्युत परियोजना की 2,000 मेगावाट क्षमता वाली पहली इकाई जल्द ही एक नई ऊंचाई छूने वाली है। रिएक्टर की पूरी प्रणाली की कार्यपद्धति के परीक्षण के लिए रिएक्टर में नकली ईंधन भरा जाने वाला है।
भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (एनपीसीएल) के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "पाइप परिपथ में पानी की तीव्र धारा प्रवाहित करने का काम हाल में पूरा हो गया है और अब रिएक्टर में नकली ईंधन भरा जाएगा।"
रिएक्टर शुरू होने के पूर्व की एक प्रमुख गतिविधि, परिपथ पाइपों में पानी की तेज धारा प्रवाहित कर रिएक्टर के शीतलक पाइपों में उपस्थित गंदगी को साफ करने का काम पूरा हो गया है।
अगस्त महीने में ही परियोजना स्थल पर पहुंचा नकली ईंधन वजन और अन्य गुणधर्मो के लिहाज से असली ईंधन जैसा ही है, लेकिन उसमें यूरेनियम नहीं है।
इस ईंधन को पूरी प्रणाली के परीक्षण के लिए रिएक्टर के गर्भ में भरा जाएगा। तकनीकी तौर पर इस प्रक्रिया को 'स्टेटस ऑफ हॉट ऑपरेशन' (गर्म ऑपरेशन की स्थिति) कहते हैं।
यदि रिएक्टर की पूरी प्रणाली निर्धारित मानकों के अनुरूप काम करती है तो, फिर उसमें असली ईंधन भरा जाएगा, ताकि रिएक्टर निर्णायक मोड़ पर पहुंच जाए। लेकिन ग्रिड में बिजली तभी प्रवाहित होगी, जब परमाणु वैज्ञानिक कुछ प्रयोग संपन्न कर लेंगे और विद्युत उत्पादन धीर-धीरे बढ़ जाएगा।
एनपीसीएल, कुदनकुलम में 1,000 मेगावाट क्षमता की दो भारी जल वाली परमाणु विद्युत इकाइयां स्थापित कर रहा है। इस संयंत्र के लिए सभी कलपुर्जो की आपूर्ति रूस कर रहा है।
पता चला है कि कलपुर्जो की एक और खेप जल्द ही परियोजना स्थल पर पहुंचने वाली है।
रूस से आने वाले टर्बाइन जनरेटर को खड़ा करने का ठेका भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) को दिया गया है। भेल के एक अधिकारी के अनुसार पाइपिंग के लिए लगभग 30 प्रतिशत उपकरणों को अभी रूस से आना बाकी है।
एनपीसीएल के अनुसार पहली इकाई के लिए 95 प्रतिशत ढांचागत काम पूरे हो गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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