विकिरण पीड़ितों की हालात चिंताजनक
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। मायापुरी के कबाड़ बाजार में रेडियोधर्मी पदार्थ कोबाल्ट 60 की चपेट में आने वाले पांच लोगों की हालत बेहद चिंताजनक है। चिकित्सकों ने शनिवार को कहा कि इन लोगों के बोन मैरो को काफी नुकसान पहुंचा है।
विकिरण की चपेट में आने से कबाड़ का कारोबार करने वाले दीपक जैन बुरी तरह जली हुई हालत में इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। उनके अलावा चार अन्य लोगों गौरव, राजेंद्र प्रसाद, रामजी यादव और राम कलाब को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
एम्स ट्रॉमा सेंटर के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया, "हमने मरीजों की जांच की है और कई परीक्षण भी करवाए हैं। इन लोगों को बोन मैरो प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ सकती है लेकिन इसकी पुष्टि होने में एक या दो दिन लग जाएगा।"
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जैन की हालत लगातार चिंताजनक बनी हुई है।
उक्त अधिकारी ने बताया, "हम उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं और परमाणु ऊर्जा विशेषज्ञों से भी इस संबंध में चर्चा की है।"
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) को भी सूचना भेजी थी कि मायापुरी में कबाड़ का कारोबार करने वाले दीपक जैन के शरीर पर विकिरण के संदिग्ध लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेडियोधर्मी पदार्थ को छूते ही जैन का शरीर काला पड़ गया था।
हादसे की सूचना के बाद परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) का आपदा प्रबंधन समूह सक्रिय हुआ और डीएई और एईआरबी के अधिकारियों का एक दल नई दिल्ली भेजा।
इस दल ने मौके पर पहुंचकर कबाड़ की दुकान और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न स्थितियों से विकिरण स्तर की जांच की। इसके बाद रेडियोधर्मी पदार्थ को सील करके वहां से हटा दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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