दिल्ली में खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक उपचार केंद्र
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में एकीकृत चिकित्साओं सुविधाओं वाला एक उपचार केंद्र बनाया जाएगा जहां चोटिल खिलाड़ियों का उपचार हो सकेगा। आगे चलकर आम जनता भी इस उपचार केंद्र का लाभ उठा सकेगी।
इस साल अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर चिकित्सा सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के प्रयासों के क्रम में यह उपचार केंद्र भी बनाया गया है। इस केंद्र के निदेशक दीपक चौधरी ने आईएएनएस को बताया, "हमारा अस्पताल पहला पूर्णत: एकीकृत 'स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर' देश को समर्पित करने की तैयारी में है। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह खिलाड़ियों की चिकित्सीय जरूरतों के लिहाज से दक्षिणपूर्व एशिया का सबसे बड़ा उपचार केंद्र होगा।"
इस उपचार केंद्र की इमारत सात मंजिला होगी। इसमें चोटिल खिलाड़ियों के लिए एक ही जगह हर तरह की सुविधाएं मुहैया होंगी, मसलन, रेडियोलॉजी विंग, फिजियोथेरेपी और अत्याधुनिक उपकरण। इस उपचार केंद्र की क्षमता 50 बिस्तरों की रहेगी। इस केंद्र के निर्माण पर कुल 70.72 करोड़ रुपये की लागत आएगी। राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के चिकित्सा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस केंद्र के लिए हड्डी रोग विशेषज्ञों सहित कुल 187 लोगों की नियुक्ति की जा रही है।
आयोजन समिति के विशेष महानिदेशक जिजी थॉमसन ने आईएएनएस से कहा, "इस केंद्र के जून के आखिर तक तैयार हो जाने की संभावना है। अगस्त माह में राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) का एक चिकित्सा दल इस केंद्र का दौरा करेगा। हमारे अब तक इंतजामों से वे संतुष्ट हैं।"
खेल चिकित्सा विशेषज्ञ पी.एस.एम. चंद्रन इस केंद्र को उन खिलाड़ियों के लिए एक वरदान की तरह मानते हैं जो विदेश जाकर उपचार कराने का खर्च वहन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, "यह खेल चिकित्सा के क्षेत्र में एक बेहद सकारात्मक कदम है।"
कुश्ती में ओलंपिक पदक जीतने वाले सुशील कुमार भी इसे बड़ा कदम मानते हैं। उन्होंने कहा, "खेल के दौरान लगने वाली चोटों के उपचार के लिए हमारे देश में कोई चिकित्सा केंद्र नहीं है। यह अच्छा रहेगा कि इस तरह का केंद्र दिल्ली में होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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