महंगाई और बढ़ी, केंद्र ने बुलाई बैठक

उससे एक हफ़्ते पहले तक खाद्य पदार्थों की कीमतों की महँगाई की दर 16.35 प्रतिशत थी. खाद्य पदार्थों समेत मुद्रास्फीति की कुल दर फ़रवरी में 9.89 प्रतिशत थी.
जहाँ तक खाद्य पदार्थों का सवाल है, एक साल में दालों की कीमतों में 32.60 प्रतिशत, दूध की कीमत में 21.12 प्रतिशत, फलों की कीमत में 14.95 प्रतिशत और गेहूँ की कीमत में 13.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. फ़रवरी में केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों और कई केंद्रीय मंत्रियों की एक समिति बनाई थी.
इस समिति का काम महँगाई पर काबू पाने के लिए समय-समय पर सुझाव देना था. इस समिति में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, कृषि मंत्री शरद पवार और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मौनटेक सिंह अहलुवालिया भी शामिल हैं.
पिछले महीने महँगाई को बढ़ने से रोकने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने छोटी अवधि के कर्ज़ में वृद्धि की थी और पर्यवेक्षकों का मानना है कि अब दोबारा आरबीआई मुद्रा नीति की 20 अप्रैल को घोषणा के दौरान ब्याज दरों के बारे में अहम घोषणा कर सकता है.












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