नक्सलियों से वार्ता करे भारत : नेपाली माओवादी
नेपाल में 10 वर्ष तक गुरिल्ला युद्ध का संचालन करने और चार वर्ष पहले एक शांति संधि पर हस्ताक्षर करके संसदीय प्रक्रिया में लौटी माओवादी पार्टी के प्रवक्ता दीनानाथ शर्मा ने कहा कि भारत को नेपाल से सबक सीखना चाहिए। माओवादी पार्टी नेपाल में वर्ष 2008 में हुए संसदीय चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।
शर्मा ने आईएएनएस से कहा, "हमारी पार्टी ने 10 वर्ष तक जनयुद्ध लड़ा लेकिन समय की मांग को देखते हुए राजनीतिक दलों से वार्ता शुरू की।"
एक सांसद शर्मा ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ भारत के नए अक्रामक अभियान से इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए 21 माह के आपात काल की बू आती है।
शर्मा ने कहा कि जब कोई सरकार लोगों की आवाज सुनने में विफल रहती है और बंदूक के जोर से तानाशाही लादने की कोशिश करती है तो इससे अधिक विरोध पैदा होता है और अंतत: विनाश होता है।
शर्मा ने कहा कि नेपाल में जब राजा ज्ञानेंद्र ने एक तानाशाह की तरह शासन करने का प्रयास किया तो क्या हुआ? भारत सरकार यदि लोगों की आवाज को दबाना चाहेगी तो उसे यह बहुत महंगा पड़ेगा।
शर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी न तो नक्सली हिंसा और न ही सरकारी दमन का समर्थन करती है।
उन्होंने कहा कि अब तो भारत के बुद्धिजीवी भी नक्सलियों के खिलाफ अभियान को लेकर सरकार के खिलाफ बोलने लगे हैं। यदि भारतीय सरकार गरीबों, किसानों, कामगारों और जनजातियों की मांग को पूरा करने में विफल रही तो लड़ाई बढ़ेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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