गर्भावस्था के दौरान मद्यपान से मिरगी का खतरा
लंदन, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्भावस्था के दौरान मद्यपान करने वाली महिलाओं के बच्चों में मिरगी का खतरा बढ़ जाता है। यह बात एक नए अध्ययन में सामने आई है।
वेबसाइट 'टेलीग्राफ डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक शोध में पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से 'फेटल एल्कोहल स्पेक्ट्रम डिस्ऑर्डर' (एफएएसडी) से पीड़ित बच्चों में मिरगी होने की आशंका छह गुना बढ़ जाती है।
शोधकर्ताओं ने दो एफएएसडी क्लीनिकों पर पहुंचे 425 व्यक्तियों के इतिहास की जांच की। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान मद्यपान या अन्य नशीले पदार्थो के सेवन और मिरगी के बीच संबंध देखा।
उन्होंने मां के मद्यपान का असर बिना जन्मे बच्चों पर समझना चाहा लेकिन उनका कहना है कि मद्यपान और मिरगी के बीच संबंध का कारण स्थापित कर पाना बहुत मुश्किल है।
किंग्सटन के क्वींस विश्वविद्यालय के शोधकर्ता जेम्स रेनॉल्ड्स कहते हैं कि रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब पीने से मस्तिष्क के विकास की शुरुआती अवस्था में ही उसमें मिरगी के कारण बनने लगते हैं लेकिन फिर भी इस शोध के परिणाम एफएएसडी और मिरगी में एक सीधा कारण और प्रभाव वाला संबंध स्थापित नहीं करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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