58 विषयों में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाला प्रधानाचार्य
इलाहाबाद, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। सीखने और पढ़ने की ललक ने 53 साल की आयु में एक बुजुर्ग को छात्र बना रखा है। उत्तर प्रदेश में एक सरकारी स्कूल के इस प्रधानाचार्य ने अब तक 58 विषयों में 10वीं और 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण की है।
इलाहाबाद जिले के बड़गांव के रहने वाले राम लखन यादव निकट के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य हैं। अपने गांव में गुरुजी के नाम से लोकप्रिय यादव सन् 1986 से लगातार कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड की परीक्षाओं में बैठते चले आ रहे हैं।
यादव ने आईएएनएस से कहा कि ज्यादा से ज्यादा सीखने की चाहत और नए-नए विषयों के ज्ञान की ललक ही मेरी प्रेरणा है। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जीवन में सीखने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है। इसी कारण मैं विगत 20 से अधिक वर्षो से नियमित रूप से परीक्षा देता आ रहा हूं।
पिछले दो दशकों से लगातार हर वर्ष यूपी बोर्ड के इम्तहान में बैठने वाले यादव इस बार सामाजिक विज्ञान, कृषि विज्ञान और सिलाई विषयों से कक्षा 10वीं की परीक्षा दे रहे हैं।
वह कहते हैं कि मुझे पूरा भरोसा है कि इन तीनों विषयों में मैं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होऊंगा।
यादव ने अब अगले साल अरबी और कंप्यूटर साइंस विषयों से परीक्षा उत्तीर्ण करने का लक्ष्य बनाया है। वह कहते हैं, "मैं जानता हूं कि यह काफी कठिन होगा, क्योंकि ये दोनों विषय पूरी तरह से मेरे लिए नए होंगे। सही पूछिए तो इन विषयों के बारे में मुझे कुछ भी नहीं पता। इसलिए इन विषयों में पास होने के लिए मैं मदरसा के शिक्षक और किसी निजी संस्थान के कंप्यूटर के शिक्षक से ट्यूशन लूंगा।"
यूपी बोर्ड में विभिन्न वर्गो(स्ट्रीम) में दसवीं में कुल 33 और 12 वीं में 58 विषय होते हैं।
यादव ने कहा कि दसवीं के 33 विषयों में 22 में मैं उत्तीर्ण हो चुका हूं। इसके लिए मैं नौ बार 10वीं की परीक्षा में बैठा। इसी तरह 12वीं के 58 विषयों में मैं 36 विषयों से उत्तीर्ण हो चुका हूं। इसके लिए उन्होंने 14 बार 12वीं कक्षा की परीक्षा दीं।
सामाज शास्त्र से परास्नातक यादव ने पहली बार अपनी दसवीं कक्षा 1970 में और बारहवीं कक्षा 1973 में उत्तीर्ण की थी। बाद में उन्होंने व्यक्तिगत छात्र के तौर पर बोर्ड की परीक्षाएं देनी शुरू कर दीं।
अब तक कला, वाणिज्य और विज्ञान वर्ग से भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, जीव विज्ञान, इतिहास, गृह विज्ञान, उर्दू, मराठी, बंगाली, चित्रकारी, संगीत, मनोविज्ञान जैसे 58 अलग-अलग विषयों से यादव ने परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं।
यादव इस सबके लिए अपने परिवार को शुक्रगुजार मानते हैं कि उनके प्रोत्साहन से ही वह अलग-अलग विषयों से कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं उत्तीर्ण कर पाए।
वह कहते हैं, "मैं अपने पूरे परिवार खासकर अपनी तीन बेटियों, जो बाहर का सारा काम निपटा देती थीं, जिससे कि मुझ्झे पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल सके।"
यादव क्षेत्र के तमाम गरीब बच्चों को घर पर बिना कोई फीस और शुल्क लिए ट्यूशन भी पढ़ाते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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