कश्मीर में सैनिकों की कटौती से पहले होगी समीक्षा : गृह सचिव
सरवर काशनी
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह सचिव जी.के.पिल्लई ने कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर में सैनिकों की और कटौती करने से पहले सरकार अगले छह महीनों तक राज्य के हालात पर गौर करेगी और इंतजार करेगी।
पिल्लई ने नार्थ ब्लॉक स्थित अपने कार्यालय में आईएएनएस के साथ एक बातचीत में कहा, "जम्मू एवं कश्मीर से सैनिकों की और कटौती करने की हमारी योजना है। लेकिन हम अगले छह महीने तक इंतजार करेंगे और देखेंगे, फिर निर्णय लेंगे कि क्या राज्य से और सैनिकों की कटौती की जानी चाहिए या नहीं।"
ज्ञात हो कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से घुसपैठ की कोशिशों में हुई बढ़ोतरी और राज्य में हिंसा की ताजा घटनाओं के बाद सरकार ने सैनिकों की कटौती का कदम रोकने का निर्णय लिया है।
आधिकारिक आंकड़े के अनुसार इस वर्ष के प्रारंभ से लेकर अब तक जम्मू एवं कश्मीर में हमले की 60 कोशिशों को विफल किया गया है। इसी अवधि के दौरान राज्य में 40 अन्य आतंकवाद संबंधी घटनाएं और 35 मुठभेड़ की घटनाएं घटी हैं।
पिछले सप्ताह सुरक्षा बलों ने पीर पंजाल रेंज से लगे राजौरी जिले में हुई चार मुठभेड़ों में 16 आतंकियों को मार गिराया था। मारे गए सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित थे।
पिछला वर्ष, 1989 के बाद से सबसे शांतिपूर्ण माना गया था। इस शांति के बाद सरकार ने राज्य से लगभग 35,000 सैनिकों की कटौती की थी।
पिल्लई ने कहा, "अर्ध सैनिक बलों की लगभग 10 बटालियनें और सेना की दो ब्रिगेड वापस बुला ली गई थीं।"
पिल्लई ने कहा, "लेकिन फिलहाल 30 सितंबर तक सैनिकों की कटौती की कोई संभावना नहीं है। हम हालात को स्थिर बनाना चाहते हैं। लेकिन हमें बड़े पैमाने पर घुसपैठ का सामना करना पड़ रहा है। अब से लेकर सितंबर महीने तक हम हालात की समीक्षा करेंगे। मैं नहीं समझता कि तब तक कोई और कटौती होगी।"
पिल्लई ने कहा कि राज्य की समग्र स्थिति इतनी खराब नहीं है। सुरक्षा बल आतंकियों के आबादी वाले क्षेत्र की ओर बढ़ने से पहले, उन्हें उनके ठिकाने में ही ठिकाने लगाने में सक्षम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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