महिला आरक्षण विधेयक पर सहमति नहीं (लीड-2)
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में राजनीतिक दलों के नेताओं की सोमवार की बैठक में महिला आरक्षण विधेयक पर सहमति नहीं बन पाई। विधेयक का विरोध करने वाले अधिकांश नेता अपने पुराने रुख पर कायम हैं।
मौजूदा स्वरूप में विधेयक के कड़े विरोधी राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव कहा कि इसमें दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गो के लिए भी आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए।
लोकसभा के नेता की हैसियत से वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने संसद भवन परिसर में यह बैठक बुलाई थी जिसमें कई बड़े राजनेता शामिल हुए।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल, केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम, केंद्रीय कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली और केंद्रीय रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी भी सोमवार की बैठक में शामिल हुए।
रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी विधेयक का समर्थन करती है लेकिन अल्पसंख्यकों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
बैठक के बारे में तत्काल कोई ब्योरा नहीं मिला लेकिन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद यादव ने बैठक से पहले कहा कि वह और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव विधेयक के वर्तमान स्वरूप का विरोध करेंगे।
रविवार को सपा के प्रवक्ता मोहन सिंह ने आईएएनएस से कहा था कि पार्टी सोमवार की बैठक में विधेयक का विरोध करेगी।
लोकसभा में भारी विरोध का सामना कर रही सरकार की मंशा 15 अप्रैल से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में इस विधेयक को पेश करने की है।
हंगामे के बीच इस विधेयक को पिछले महीने राज्यसभा में पारित किया गया। विधेयक का विरोध कर रहे कुछ सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया गया और उनको मार्शलों से बाहर निकलवाया गया।
लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाले विधेयक का समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, लोक जनतांत्रिक पार्टी तथा जनता दल (युनाइटेड) का एक धड़ा विरोध कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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