कनाडा में नई संसदीय सीटे भारतीयों के लिए फायदेमंद
टोरंटो, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीयों और अन्य प्रवासी समुदायों की बढ़ती आबादी को देखते हुए कनाडा सरकार ने संसद में 30 सीटों की वृद्धि का फैसला किया है।
इस संबंध में कंजरवेटिव पार्टी की सरकार ने संसद में एक विधेयक रखा है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है तो संसद सदस्यों की संख्या 308 से बढ़कर 338 हो जाएगी और 30 नए संसदीय क्षेत्र वर्ष 2014 से अस्तित्व में आ जाएंगे।
सबसे ज्यादा नए संसदीय क्षेत्र ओंटारियो और ब्रिटिश कोलंबिया जैसे प्रांतों में बनाए जाएंगे। इन क्षेत्रों में दक्षिण एशियाई और चीनी मूल के लोगों की बहुलता है।
टोरंटों के उपनगर ओंटारियो में काफी तादाद में भारतीय रहते हैं। यहां 18 नए संसदीय क्षेत्र बनाए जाने का प्रावधान है। ब्रिटिश कोलंबिया, पंजाबी बाहुल्य वाले सरे, एबॉट्सफोर्ड और अन्य शहरों को सात और अलबर्टा को पांच नई संसदीय सीटें मिलने की संभावना है। सबसे ज्यादा भारतीय इन्हीं तीन प्रांतों में रहते हैं।
हाउस ऑफ कॉमंस में भारतीय मूल के नौ सांसद हैं, इनमें उज्जवल दोसांझ, दीपक ओबराय और रूबी ढल्ला शामिल हैं।
हाल ही में जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगले दो दशकों में भारतीय, चीनी और मुस्लिम प्रभावी समुदाय बन जाएंगे। ये लोग देश के प्रमुख शहरों टोरंटो, वैंकूवर और मांट्रियल में श्वेत नागरिकों को पीछे छोड़ देंगे।
कनाडा की कुल आबादी 3.4 करोड़ है जिसमें 13 लाख चीनी, 10 लाख भारतीय और 10 लाख मुस्लिम शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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