राष्ट्रपति से हुई जनगणना 2011 की शुरुआत
केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम, गृह सचिव जी.के. पिल्लै और जनगणना अधिकारी गुरुवार सुबह राष्ट्रपति भवन गए और देश के हरेक नागरिक की गणना करने और डाटाबेस तैयार करने के लिए राष्ट्रपति का विवरण लेकर इस प्रक्रिया की प्रतीकात्मक शुरुआत की।
जनगणना अधिकारियों को अपना विवरण देते हुए पाटील ने कहा, "मेरा नाम प्रतिभा देवीसिंह पाटील है और मेरा स्थायी पता जलगांव, महाराष्ट्र है।"
देश की प्रथम नागरिक होने के नाते पाटील ने इसके बाद जनगणना फार्म पर दस्तखत किए और देशवासियों से इस प्रकिया में पूरे मन से हिस्सा लेने और जनगणना अधिकारियों के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया, क्योंकि यह राष्ट्र के हित और देश की जनता के लाभ के लिए है।
इसके बाद चिदंबरम की अगुवाई में अधिकारी उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के आवास पर गए और उनका तथा उनके परिवार का विवरण दर्ज किया।
चिदंबरम ने संवाददाताओं को बताया, "इस व्यापक अभियान की प्रतीकात्मक शुरुआत के लिए हमने अभी-अभी देश की प्रथम नागरिक होने के नाते राष्ट्रपति का विवरण दर्ज किया है।..हम 1.2 अरब लोगों को पहचान पत्र जारी करेंगे।"
यह जनगणना, पिछले दशक में देश की प्रगति की समीक्षा करने का, जारी सरकारी योजनाओं की निगरानी करने का और भविष्य की योजना तैयार करने का आधार होगी। इसीलिए जनगणना 2011 के लिए 'हमारी जनगणना, हमारा भविष्य' जैसा नारा दिया गया है।
जनगणना प्रक्रिया के तहत घर-घर जाकर लोगों से प्रश्न पूछे जाएंगे और जनगणना फार्म भरवाएं जाएंगे और इस तरह विस्तृत जानकारियां जुटाई जाएंगी।
जुटाए गए इन आंकड़ों को राज्य की स्थानीय भाषा में तथा अंग्रेजी भाषा में कंप्यूटर में उतारा जाएगा। इस तरह का डाटाबेस तैयार हो जाने के बाद 15 वर्ष और उससे अधिक की उम्र वाले सभी व्यक्तियों के छाया चित्र, 10 अंगुलियों के निशान और आंखों की पुतलियों के बारे में जानकारी शामिल की जाएगी।
प्रत्येक घर के लिए दो फार्म भरे जाएंगे। पहला फार्म घर सूचीकरण और आवासीय गणना से संबंधित होगा। इसमें 35 प्रश्न होंगे, जो इमारती सामग्री, घरों के उपयोग, पेयजल, शौचालय के प्रकार और उनकी उपलब्धता, बिजली, संपत्ति का अधिकार आदि से संबंधित होंगे। दूसरा फार्म राष्ट्रीय आबादी रजिस्टर से संबंधित होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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