खाप के खिलाफ फैसला, 5 को फांसी

कोर्ट ने 25 मार्च को ही इन सात लोगों को मनोज और बबली की हत्या का दोषी करार दिया था। करनाल के सत्न न्यायालय ने इस मामले में तथाकथित खाप नेता गंगा राज और बबली के पांच परिजनों को कत्ल का कसूरवार ठहराया था। कोर्ट ने सोमवार को बयान दर्ज करने के बाद सुनवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी थी। कोर्ट का ये फैसला तालिबानी फरमान सुनाने वाली हरिय़ाणा की खाप पंचायत के खिलाफ एक सराहनीय कदम है।
इज्जत के नाम पर हत्या
कोर्ट ने खाप नेता गंगाराज, बबली के पांच रिश्तेदार- भाई सुरेश, सतीश और गुरदेव और चाचा राजेंदर और बरू राम को हत्या का दोषी बताया है। साथ ही कार के ड्राइवर मंदीप सिंह पर अपहरण और षडयंत्र का आरोप लगाते हुए उसे सात साल जेल की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि हरियाणा में इज्जत के नाम पर हत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं। इन पंचायतों का तर्क होता है कि एक ही गोत्र में शादी करने वाले भाई-बहन माने जाते हैं और अगर वो खाप की मर्जी के खिलाफ शादी कर लें तो खाप उन्हें मौत के घाट उतारने से नहीं चूकती।
कैथल जिले के करोडन गांव के मनोज ने लगभग तीन साल पहले बबली के घरवालों की इच्छा के खिलाफ उससे शादी की थी। दोनों के समान गोत्न का होने के कारण खाप पंचायत ने इस विवाह का विरोध किया और मनोज के परिवार के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की थी। शादी के बाद करनाल में जा बसे मनोज और बबली की बबली के रिश्तेदारों ने 15 जून 2007 को हत्या कर दी थी।












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