कोलकाता अग्निकांड में मृतकों की संख्या 36 हुई
पुलिस के अनुसार इमारत की पांचवीं मंजिल से दोनों शव झुलसी हुई हालत में बरामद हुए हैं। अग्निशमन कर्मी और नागरिक कार्यकर्ता बदबू और गंदगी के बीच मलबा हटाने में जुटे हुए हैं।
शहर के पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकरी ने आईएएनएस को बताया, "तड़के दो शवों की बरामदगी हुई। शवों के लिंग की शिनाख्त संभव नहीं है, सिर्फ पोस्टमार्टम से ही इसका पता चल सकता है।"
अधिकारी ने बताया कि शवों को एसएसकेएम अस्पताल के सुपुर्द कर दिया गया है ताकि पीड़ितों के परिजन उनकी शिनाख्त कर सके हैं, जो पिछले छह दिन से लगातार अपने सगे संबंधियों की इंतजार में वहीं डेरा डाले हैं।
इस हादसे में मारे गए लोगों में से अब तक सिर्फ 20 शवों की ही पूरी तरह शिनाख्त हो सकी है। बहुत से शव ऐसे हैं जिनके कई दावेदार हैं। विवादित शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए परीक्षण कराए जा रहे हैं।
विपक्षी दल भी इस त्रासदी से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश में हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता यह पता लगाने के लिए इस मामले की जांच कराने की मांग की है कि कहीं इसके पीछे किसी किस्म की लापरवाही तो नहीं।
मुखर्जी कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा, "जांच जरूरी है। इस बात की पड़ताल होनी चाहिए कि आखिर यह हादसा क्यों हुआ, सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे या नहीं।"
रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने इस हादसे की कार्यरत न्यायाधीश से समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर वे ऐसा नहीं करते, तो सीबीआई जांच होनी चाहिए और यह जांच निष्पक्ष होनी चाहिए।
1910 में निर्मित स्टीफन कोर्ट इमारत में गत 23 मार्च को यह भीषण अग्निकांड हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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