प्रधानमंत्री ने मास्को विस्फोटों की निंदा की (लीड-1)
रूस के राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव को भेजे पत्र में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "मास्को में बम विस्फोटों के बारे में जानकारी पाकर मुझे बेहद दुख पहुंचा है जिनमें बहुत से मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।"
विस्फोटों को बेहद त्रासद और हिंसा की जघन्य घटना करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है, "इस मुश्किल घड़ी में हम आपके, रूसी जनता और इस भयावह त्रासदी का निशाना बने पीड़ितों के परिजनों और मित्रों के साथ हैं।"
उन्होंने कहा, "सरकार और भारत की जनता की ओर से मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि हिंसा और आतंकवादी ताकतों का मुकाबला करने में भारत रूस के साथ है।"
मास्को के दो मेट्रो स्टेशनों पर सोमवार सुबह दो महिला आत्मघाती हमलावरों द्वारा किए गए दो बम विस्फोटों में कम से कम 37 लोग मारे गए और 65 घायल हो गए। मास्को में 2004 के बाद का यह सबसे जबरदस्त आतंकवादी हमला है।
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने यहां संवाददाताओं से कहा, "त्रासदी की इस घड़ी में हम रूस के साथ हैं तथा हम सभी देशों में और हर तरह के आतंकवाद की भर्त्सना करते हैं।"
कृष्णा ने कहा, "ये भयावह हमले थे। जो लोग इनमें मारे गए या घायल हुए, उनसे हमें हमदर्दी है।"
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "भारत बम विस्फोटों की कड़ी निंदा करता है और इन हिंसक गतिविधियों में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता है।"
इसमें कहा गया है, "भारत रूस सरकार और रूस की जनता के प्रति एकजुटता व्यक्त करता है और उम्मीद करता है कि इन निर्मम हमलों को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।"
भारत सरकार ने जोर देकर कहा, "जिस आतंकवाद की बुराई का आज विश्व सामना कर रहा है उससे सिर्फ अतंर्राष्ट्रीय बिरादरी सामूहिक प्रयास ही निपट सकती हैं।"
भारत और रूस आतंकवाद से निपटने में एक-दूसरे का सक्रिय सहयोग करते रहे हैं।
रूस पहला देश था, जो मुंबई में हुए 26/11 के आतंकवादी हमलों के खिलाफ सख्ती से उठ खड़ा हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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