न्याय प्रक्रिया को तेज करने की जरूरत : प्रधानमंत्री

कानून, न्याय और आम आदमी विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, "देश की कानूनी और न्याय व्यवस्था हमारे लोकतंत्र के मजबूत आधार स्तम्भों में से एक है..हमारी सरकार आम आदमी को कानूनी रूप से सशक्त बनाने को बहुत महत्व देती है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि आम आदमी के मूल अधिकारों की रक्षा और उसे त्वरित न्याय के बगैर जनता के लिए लोकतंत्र का महत्व बहुत कम है।

सिंह ने कहा, "देश की कानूनी और न्यायिक व्यवस्था कुछ मामलों में बहुत विरोधाभास प्रदर्शित करती है। हमारे लोकतंत्र और कानूनी व्यवस्था में शक्ति जिसकी पूरी दुनिया में प्रशंसा होती है। हमारे पास एक स्वतंत्र प्रेस, एक स्वतंत्र न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग तथा नियंत्रक और महालेखा परीक्षक जैसी स्वतंत्र संस्थाएं हैं, जो हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को नियंत्रित करती हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि बहरहाल यह ताकत लंबित मामलों के ढेर से कमजोर होती है।

उन्होंने राज्य सरकारों से पिछले वर्ष पारित ग्राम न्यायालय कानून को लागू करने को कहा। इसके तहत ग्राम स्तर पर तेज न्यायालय उपलब्ध कराने के लिए 5,000 ग्राम न्यायालयों के गठन की योजना है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पूरे देश में करीब 3.10 करोड़ मामले लंबित हैं। ग्राम न्यायालयों से इनको निपटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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