युद्ध अपराध के मुकदमों की निष्पक्ष सुनवाई होगी : बांग्लादेश सरकार
उधर, मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के महासचिव खांदाकेर दिलबर हुसैन ने शुक्रवार को कहा कि युद्ध अपराध के मामलों की सुनवाई के फैसले के पीछे सरकार के राजनीतिक इरादे छिपे हैं।
देश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के कई बड़े नेता युद्ध अपराधों के आरोपी हैं। इस पार्टी ने जांच की निष्पक्षता पर संदेह जताया है।
देश के 40वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर गुरुवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना ने घोषणा की थी कि युद्ध अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक तीन सदस्यीय युद्ध अपराध न्यायाधिकरण, सात सदस्यीय जांच एजेंसी और 12 वकीलों का एक पैनल बनाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1971 में नागरिकों और धार्मिक अल्पसंख्यकों की हत्या और लूट के मामलों में करीब 1500 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्णय लिया गया है। इससे संबंधित सबूतों को गैर सरकारी संगठनों और स्वतंत्रता सेनानियों ने इकट्ठे किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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