नौसेना ने जलते पोत से 23 सदस्यों को बचाया
यह पोत मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के लिए जा रहा था, उसी दौरान उसके इंजन से आग की लपटें निकलने लगीं। पोत से शाम लगभग 7.30 बजे मदद की गुहार लगाई गई। महाराष्ट्र के तारापुर तट पर चौकसी में लगे भारतीय तट रक्षक (आईसीजीएस) के पोत सुभद्रा कु़मारी चौहान ने इस गुहार को सुन लिया।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि उसके बाद इस पोत ने नौसेना और तट रक्षक के क्षेत्रीय मुख्यालयों को सतर्क कर दिया। उसके बाद समुद्र में तैर रहे दुर्घटनाग्रस्त पोत को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को सक्रिय कर दिया गया ताकि प्रारंभिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसके साथ ही नौसेना ने गोवा से एक चिकित्सकीय दल के साथ एक जहाज भेजा और दो अन्य जहाजों को भी दुर्घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया।
तट रक्षक और नौसेना की जहाजें मध्य रात्रि तक लाइबेरियाई पोत तक पहुंच गईं और उसने आग बुझाना शुरू किया। रात दो बजे तक आग बुझ गई और पोत पर सवार सभी सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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