प्रायोजित खबरों पर रोक पर रायशुमारी चाहती है सरकार
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने प्रायोजित खबरों की शिकायत के बाद दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। पीसीआई 31 मार्च को इस समिति की रिपोर्ट पर चर्चा कर सकता है।"
पीसीआई एक वैधानिक, अर्धन्यायिक संस्था है जो प्रेस पर नजर रखती है।
अधिकारी ने कहा कि दो सदस्यीय समिति ने अपनी रायशुमारी की प्रक्रिया के तहत इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी, इंडियन लैग्वेज न्यूजपेपर एसोसिएशन और अन्य घटकों से संपर्क किया है।
इसके पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने राज्यसभा में कहा था कि प्रायोजित खबरों पर पीसीआई की रिपोर्ट को संसद के समक्ष पेश किया जाएगा और सरकार सदस्यों के सुझावों के आधार पर इस समस्या के समाधान का रास्ता निकालेगी।
भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज ने इस महीने की शुरुआत में एडिटर्स गिल्ड आफ इंडिया के एक कार्यक्रम में कहा था कि इस मसले को 15 अप्रैल से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में उठाया जाएगा।
इसी कार्यक्रम में स्वराज और कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात के उस सुझाव पर सहमति जताई थी कि प्रायोजित खबरों को जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत दुराचरण घोषित किया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications