गोवा में रूसियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच की मांग
रूस के महावाणिज्य दूत अलेक्जेंडर वी. मैंटीत्स्की ने पुलिस महासचिव सुंदरी नंदा को एक पत्र लिख कर वर्ष 2009 में 'नारकोटिक्स ड्रग्स एण्ड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंसेस' (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत विक्टर कोपलेंको और वी. कोरोवेल के खिलाफ दर्ज मामलों की फिर से जांच करने की मांग की है।
मैंटीत्स्की ने पत्र में कहा है कि गोवा में इनके खिलाफ एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) के पूर्व प्रभारी निरीक्षक आशीष शिरोड़कर ने मामला दर्ज किया था लेकिन मादक पदार्थ माफिया से संबंध होने के आरोप में अब वह खुद ही जेल में हैं।
उन्होंने 22 मार्च को भेजे गए एक पत्र में कहा, "दोनों रूसी नागरिकों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ अभी तक आरोप तय नहीं किए गए हैं।"
गौरतलब है कि इजरायली मादक पदार्थ तस्कर युनिव बेनैम उर्फ अटाला से संबंध होने पर शिरोड़कर सहित पांच पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। अटाला अभी जेल में है।
अटाला ने पुलिस को बताया था कि शिरोड़कर ही पुलिस के गोदाम में से मादक पदार्थ चुरा कर उसे मुहैया कराते थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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